बढ़ती गर्मी के कारण 5वीं क्लास तक स्कूल छुट्टी घोषित, 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे सभी स्कूल

मध्यप्रदेश में इस समय सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी लोगों को परेशान कर रही हैं। हालात ऐसे हैं कि सूरज ढलने के बाद भी गर्मी कम नहीं हो रही। मौसम विभाग ने पहली बार “वॉर्म नाइट” का अलर्ट जारी किया है—जो बताता है कि अब खतरा सिर्फ दिन की लू तक सीमित नहीं रहा।

यह बदलाव सामान्य नहीं है। इसका मतलब है कि शरीर को रात में भी आराम नहीं मिल रहा, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर ये वॉर्म नाइट क्या है, किन शहरों में अलर्ट है, और आगे क्या हो सकता है।

वॉर्म नाइट क्या है और क्यों बढ़ रहा खतरा

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, “वॉर्म नाइट” तब घोषित होती है जब रात का तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाता है और दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर बना रहता है।

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इस स्थिति में रात के समय भी ठंडक महसूस नहीं होती। शरीर को जो राहत रात में मिलनी चाहिए, वह नहीं मिलती। इससे थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती है।

इन 9 शहरों में जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने जिन शहरों में वॉर्म नाइट का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इन इलाकों में आज रात तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि रात के समय भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। यह स्थिति लगातार बनी रही तो आने वाले दिनों में हीटवेव का असर और गंभीर हो सकता है।

रिकॉर्ड तोड़ तापमान:

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। खजुराहो (छतरपुर) में 43°C दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक रहा। इसके अलावा ग्वालियर 42.5°C, दतिया 42.3°C, रीवा और श्योपुर 42°C के आसपास रहे। यह आंकड़े दिखाते हैं कि गर्मी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। जब दिन का तापमान इतना अधिक होता है, तो रात का तापमान भी गिर नहीं पाता—और यही वॉर्म नाइट की स्थिति बनाता है।

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मैहर में स्कूल बंद: बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

भीषण गर्मी को देखते हुए मैहर जिले में बड़ा फैसला लिया गया है। नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक के सभी स्कूल 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। यह आदेश सभी सरकारी, प्राइवेट और केंद्रीय स्कूलों पर लागू होगा। हालांकि, कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक जारी रहेगी। प्रशासन का यह कदम बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उठाया गया है, क्योंकि छोटे बच्चों पर गर्मी का असर जल्दी पड़ता है।

मौसम में बदलाव की वजह

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसकी वजह से कुछ जगहों पर बादल और हल्की बारिश भी हुई है। हालांकि, 23 अप्रैल को आने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रदेश पर ज्यादा असर नहीं डालेगा। इसका मतलब साफ है—गर्मी का दौर अभी लंबे समय तक जारी रहने वाला है।

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