सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी जारी, जाने 24 कैरेट सोने का ताजा भाव

सोना और चांदी—दोनों की कीमतों ने एक साथ अलग-अलग दिशा पकड़ ली है, जिससे निवेशकों में उलझन बढ़ गई है। जहां दिल्ली के सराफा बाजार में कीमतें ऊपर जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ MCX पर दोनों धातुएं गिरावट में कारोबार कर रही हैं। मंगलवार को बाजार बंद होने तक चांदी 2.58 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1,57,300 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक संकेत साफ नहीं हैं और बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

सराफा बाजार में क्यों दिख रही है तेजी?

घरेलू सराफा बाजार में हल्की लेकिन लगातार तेजी देखी जा रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक तनाव है, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ती अनिश्चितता। जब भी दुनिया में राजनीतिक या आर्थिक तनाव बढ़ता है, निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं—और सोना हमेशा से “सेफ हेवन” माना जाता है। यही वजह है कि सोने और चांदी की कीमतों में सपोर्ट बना हुआ है, भले ही यह तेजी सीमित क्यों न हो।

MCX पर क्यों गिर रहे हैं दाम?

दिलचस्प बात यह है कि जहां फिजिकल बाजार में तेजी है, वहीं MCX पर सोना और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार रात तक चांदी करीब 3.81% गिरकर 2,42,933 रुपये प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना भी लगभग 1.60% गिरकर 1,51,475 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। इसका कारण डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजार में कमजोरी को माना जा रहा है, जिससे कमोडिटी कीमतों पर दबाव बना।

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एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा हालात पूरी तरह भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सतर्क हैं और सोने में पैसा लगा रहे हैं। हालांकि, दूसरी ओर डॉलर मजबूत हो रहा है और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अगर बातचीत आगे बढ़ती है, तो सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है। लेकिन अगर तनाव बढ़ता है, तो कीमतों में तेजी और बढ़ सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से क्या संकेत मिल रहे हैं?

वैश्विक बाजार फिलहाल कमजोर संकेत दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना और चांदी दोनों में गिरावट देखी गई है, जो MCX के रुख से मेल खाती है। सोना करीब 1% गिरकर 4,776 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा, जबकि चांदी भी 1.29% की गिरावट के साथ 78.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। यह दिखाता है कि वैश्विक दबाव अभी भी बना हुआ है, जो आगे घरेलू बाजार को प्रभावित कर सकता है।

आने वाले टाइम में सोने का रूख

आने वाले दिनों में सोना-चांदी की दिशा कई अहम फैक्टर्स पर निर्भर करेगी—जैसे अमेरिका-ईरान संबंध, डॉलर की चाल, और वैश्विक महंगाई के संकेत। अगर तनाव बढ़ता है, तो सोना और चांदी में तेजी जारी रह सकती है। लेकिन अगर कूटनीतिक समाधान निकलता है और डॉलर मजबूत बना रहता है, तो कीमतों में गिरावट भी देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। बाजार में उतार-चढ़ाव तेज है, और छोटे-छोटे संकेत भी कीमतों को तेजी से बदल सकते हैं।

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